पहले “base” तय करें
पोहे, दलिया, अंडे, दही या कोई परिचित घर का विकल्प—base तय होने से रोज़ सुबह निर्णय कम होते हैं।
हर चीज़ एक ही कटोरे में नहीं चाहिए
फल, मेवे या बीज को अलग रखा जा सकता है। इससे portion देखना आसान रहता है और texture भी बदलता रहता है।
एक गलत धारणा
नाश्ता तभी अच्छा नहीं होता जब उसमें बहुत सारी चीज़ें हों। कम सामग्री वाला परिचित meal भी practical हो सकता है।
सप्ताह का छोटा rule
दो या तीन नाश्ते चुनें जिन्हें आप आसानी से बना सकें। उसी सूची को rotate करना shopping और तैयारी दोनों को आसान करता है।
सामान्य जानकारी: यह लेख व्यक्तिगत पोषण सलाह नहीं है।
